उत्कृष्ट अवधारणायें  4 - खगोल विज्ञान एक विज्ञान है जो ब्रह्मांड में खगोलीय पिण्डो  और घटनाओं का अध्ययन करता है

4.1

प्रकाश (दूसरे प्रकार से विद्युत चुम्बकीय विकिरण के रूप में जाना जाता है) खगोलीय अनुसंधान के लिए सूचना का मुख्य स्रोत है|

क्योंकि अधिकांश खगोलीय पिण्ड यात्रा करने के लिए बहुत दूर हैं, इसलिए हमें उनका अध्ययन करने के लिए इन पिण्डो के विद्युत चुम्बकीय विकिरण (प्रकाश) पर भरोसा करना चाहिए| विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न तरंग दैर्ध्य खगोलीय घटनाओं के विभिन्न प्रक्रिया और खगोलीय पिण्ड की प्रकृति के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं| आधुनिक खगोल विज्ञान में, ब्रह्मांड का अध्ययन मुख्य रूप से पूरे विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का उपयोग करके किया जाता है- रेडियो, माइक्रोवेव, अवरक्त, दृश्यमान, पराबैंगनी, एक्स-रे और गामा-रे| यद्यपि आम बातचीत में प्रकाश केवल दृश्य प्रकाश को संदर्भित करता है, खगोल विज्ञान में प्रकाश का अर्थ विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम हो सकता है|

4.2

बड़े पैमाने पर, गुरुत्वाकर्षण ब्रह्मांड में प्रमुख अंतःक्रिया है|

औसतन, खगोलीय पिण्ड आवेशित नही होते हैं| लम्बी दूरियो पर प्रमुख रूप से ये पिण्ड गुरुत्वाकर्षण के रूप मे अन्तः-क्रिया करते है| गुरुत्वाकर्षण ही है जो ग्रहों को सूर्य की परिक्रमा करता है, तारे गैलेक्सी सेंटरों की परिक्रमा करते हैं, और गोलाकार आकार में तारों के गर्म प्लाज्मा को एक साथ रखते हैं| अधिकांश खगोलीय घटनाओं को न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम का उपयोग करके वर्णित किया जा सकता है, लेकिन सबसे चरम स्थितियों में आइंस्टीन की सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत एक सटीक विवरण प्रदान करने के लिए आवश्यक है|

4.3

गुरुत्वाकर्षण तरंगें और उपपरमाण्विक कण ब्रह्मांड का अध्ययन करने के नए तरीके प्रदान करते हैं

गुरुत्वाकर्षण तरंगों - दिक्काल में लहर - की भविष्यवाणी 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत द्वारा की गई थी| इनके अस्तित्व का पहला स्पष्ट सुनिश्चित संसूचन 2015 मे हुआ , और वैज्ञानिक अब उन्हें ब्रह्मांड का अध्ययन करने के लिए एक नये श्रोत के रूप में उपयोग कर सकते हैं| गुरुत्वाकर्षण तरंगें शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण अंतःक्रिया द्वारा उत्पन्न होती हैं, जैसे कि दो बड़े ब्लैक होल्स या न्यूट्रॉन तारों का विलय| खगोलविद् हमारे सूर्य के आतंरिक भाग और ब्रह्मांड में कुछ सबसे ऊर्जावान प्रक्रियाओं के बारे में जानने के लिए न्यूट्रिनो, इलेक्ट्रॉन या प्रोटॉन जैसे विभिन्न प्रकार के उप-परमाणविक कणों का भी पता लगाते हैं।

4.4

खगोल विज्ञान वर्तमान सिद्धांतों के ढांचे में खगोलीय घटनाओं के लिए अवलोकन और सिमुलेशन से प्राप्त डेटा का उपयोग करता है|

खगोलविद खगोलीय पिण्डों , उनसे जुड़ी घटनाओं और उनके विकास का गणितीय मॉडल बनाते हैं| इन मॉडलों का ढांचा भौतिकी और रसायन विज्ञान के मौलिक सिद्धांतों पर आधारित होता है | कुछ मॉडलों में प्राथमिक गणितीय संबंध शामिल हैं, अधिक जटिल मॉडल संख्यात्मक सिमुलेशन का उपयोग करते हैं| सबसे परिष्कृत सिमुलेशन दुनिया के कुछ सबसे बड़े सुपर कंप्यूटर पर चलाए जाते हैं| दूरबीनों और संसूचकों के अवलोकन डेटा का उपयोग मॉडल का परीक्षण और परिष्कृत करने के लिए किया जाता है| अवलोकन संबंधी साक्ष्य और मॉडलों के बीच अंतःक्रिया खोज का एक महत्वपूर्ण पहलू है|

4.5

खगोलीय अनुसंधान विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान को जोड़ता है, जैसे कि भौतिकी, गणित, रसायन विज्ञान, भूविज्ञान और जीव विज्ञान|

व्यावसायिक खगोलीय अनुसंधान गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान, साथ ही अन्य क्षेत्रों के ज्ञान को जोड़ता है| यह व्यापक दृष्टिकोण खगोलीय पिण्डो और घटनाओं की प्रकृति को प्रकट करने और मॉडलिंग करने के लिए आवश्यक साबित हुआ है| उदाहरण के लिए, तारों के अंदर होने वाली परमाणु प्रतिक्रियाओं को समझने के लिए, वैज्ञानिकों को परमाणु भौतिकी की आवश्यकता होती है; तारों के वायुमंडल में परिणामी तत्वों का पता लगाने के लिए, उन्हें रसायन विज्ञान की आवश्यकता होती है| दूरबीनों और संसूचकों के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग आवश्यक है, और इन उपकरणों द्वारा प्रदान किए गए डेटा का विश्लेषण करने के लिए कस्टम सॉफ्टवेयर का विकास महत्वपूर्ण है|

4.6

खगोल विज्ञान कई विशेषज्ञता क्षेत्रों में विभाजित है।

चूंकि खगोलीय पिण्डों और घटनाओं के एक अच्छे निरूपण के लिए अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों के ठोस ज्ञान की आवश्यकता होती है, आधुनिक खगोल विज्ञान को आमतौर पर संबोधित मुख्य विषयों के अनुसार कई विशेषज्ञता क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है| इनमें से कुछ विशिष्टताओं में शामिल हैं- जैविक खगोलिकी, ब्रह्माण्ड विज्ञान , प्रेक्षणीय खगोल विज्ञान , रसायन खगोलिकी और ग्रह विज्ञान| खगोलविद भी एक विशेष प्रकार के पिण्ड , जैसे कि सफेद बौने तारों का अध्ययन करने की एक विशेषता चुन सकते हैं| खगोल विज्ञान के अंतर्गत भौतिकी विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, "खगोल भौतिकी" और "खगोल विज्ञान" शब्द का उपयोग परस्पर अदल बदल के किया जाता है|

4.7

खगोल विज्ञान में समय और दूरी की माप अपने दैनिक जीवन में उपयोग किए जाने वाले माप की तुलना में बहुत बड़े होते हैं|

चंद्रमा लगभग 384,400 किलोमीटर की दूरी पर पृथ्वी की निकटतम खगोलीय वस्तु है| हमारे सूर्य का व्यास 13 लाख 90 हज़ार किलोमीटर है, जो लगभग 1989 हजार ट्रिलियन ट्रिलियन किलोग्राम का द्रव्यमान है, और यह लगभग 15 करोड़ किलोमीटर (जो खगोलीय इकाई, एयू को परिभाषित करता है) की दूरी पर पृथ्वी का निकटतम तारा है| सूर्य के सबसे करीब का तारा प्रॉक्सिमा सेंटौरी है जो लगभग 4.25 प्रकाश-वर्ष दूर है| एक प्रकाश-वर्ष वह दूरी है जो एक वर्ष में प्रकाश (एक निर्वात में) यात्रा करती है, जो सिर्फ 9 लाख करोड़ किलोमीटर से थोड़ा अधिक है| हमारी आकाशगंगा का व्यास 100,000 से 120,000 प्रकाश वर्ष है और अन्य गैलेक्सियाँ अरबों प्रकाश वर्ष हो सकती हैं। खगोल विज्ञान में इकाइयाँ हमारी कल्पना से कहीं अधिक बड़ी होती हैं। खगोलीय समय के पैमाने लंबे होते हैं और लाखों या अरबों वर्षों की आयु आम है।

4.8

स्पेक्ट्रोस्कोपी एक महत्वपूर्ण तकनीक है जो हमें दूर से ब्रह्मांड की जांच करने योग्य बनाती है|

खगोलीय पिण्डों की कई विशेषताओं को केवल उनके स्पेक्ट्रम का अध्ययन करके ही जाना जा सकता है-इंद्रधनुष की तरह उनके प्रकाश का अनेक रंगों के प्रकाश में अपघटन, जिसमे से प्रत्येक रंग अलग तरंग दैर्ध्य के द्वारा जाना जाता है | इन पिण्डों से एकत्रित प्रकाश का विश्लेषण करके, खगोलविद उनकी मौलिक रचना, तापमान, दबाव, चुंबकीय क्षेत्र जैसे अन्य विशेषताओं का विवरण निर्धारित कर सकते हैं|