चूंकि विद्युत चुम्बकीय तरंगें खगोल विज्ञान में जानकारी का मुख्य स्रोत हैं, इसलिए जब इन तरंगों को इकट्ठा करने और विश्लेषण करने की बात आती है दूरबीन और संसूचक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं | बड़े दूरबीन अधिक प्रकाश एकत्र करते हैं, जिससे खगोलविद बहुत धुंदले पिण्डों की पहचान और उनका विश्लेषण कर पाते हैं | बड़े दूरबीनों की विभेदन क्षमता भी अधिक होती है , जिससे खगोलविद अपनी लक्षित वस्तुओं का बारीकी से अध्ययन कर पाते है| जबकि शुरुआती खगोलीय प्रेक्षण सीधे एक दूरबीन के माध्यम से किये गए थे , लेकिन आज खगोलविद संसूचकों की सहायता से कई अलग-अलग तरंग दैर्ध्य पर अपने प्रेक्षणों को निष्पक्ष रूप से आलेखित कर पाते हैं |
खगोलविद इंटरफेरोमेट्री नामक एक तकनीक के माध्यम से कई दूरबीनों को एक साथ जोड़कर उन्हे एक बड़े दूरबीन के रूप में उपयोग मे ला सकते हैं| संयुक्त उपकरणों की विभेदन क्षमता एक ऐसे एकल दूरबीन के बराबर होगा, जिसका व्यास परस्पर जुड़े दूरबीनों मे से किसी भी दो सर्वाधिक दूरी पर स्थित दूरबीनों के बीच की दूरी के बराबर होगा| यह खगोलविदों को खगोलीय पिण्डों के छोटे और बारीक़ विवरणों को देखने के साथ -साथ अलग -अलग पिण्डों , जैसे कि एक तारे और इसके ग्रह प्रणाली के बीच अंतर करने के लायक बनाता है |
पृथ्वी का वायुमंडल अधिकांश विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम से विकिरण को अवशोषित करता है| यह दृश्य प्रकाश, कुछ पराबैंगनी और अवरक्त, और शॉर्टवेव रेडियो के लिए पारदर्शी है, लेकिन ज्यादातर के लिये अपारदर्शी | अधिकांश पराबैंगनी बैंड और इन्फ्रारेड लाइट के बड़े हिस्से, साथ ही एक्स-रे, वातावरण में प्रवेश नहीं कर सकते हैं| अतः अधिकांश दूरबीन जो दृश्य, रेडियो और अन्य तरंग दैर्ध्य बैंड की एक छोटी संख्या के अलावा अन्य प्रकाश एकत्र करते हैं, उन्हें अंतरिक्ष में रखना पडता है | यद्यपि दृश्य प्रकाश सतह से देखा जा सकता है, पृथ्वी का वायुमंडल छवियोंकी गुणवत्ता को प्रभावित करती है, इसलिए कुछ दृश्य प्रकाश की दूरबीनों को भी अंतरिक्ष में स्थापित किया गया है |
काफी ऊंचाई वाले पृथ्वी के कुछ स्थान प्रकाश प्रदूषण की अनुपस्थिति, और कुछ तरंग दैर्ध्य के लिए वायुमंडल की पारदर्शिता के कारण अवलोकन की बेहतरीन स्थिति प्रदान करते हैं |ये स्थान आमतौर पर प्रतिकूल, बड़ी मानव बस्तियों से दूर होते हैं जहां पहुँच पाना अक्सर कठिन होता है| खगोलविद या तो अपने प्रेक्षणों के लिए उन स्थानों की यात्रा करते हैं, अनुभवी स्थानीय दूरबीन ऑपरेटरों को उनके लिए बाहर ले जाने की अनुमति देते हैं, या रोबोट दूरबीनों का उपयोग करते हैं जो दूर से संचालित होते हैं|
खगोलीय सर्वेक्षणों ने बड़ी मात्रा में डेटा का उत्पादन शुरू कर दिया है, और यह आने वाले वर्षों में बहुत अधिक बढ़ जाएगा| इस विकास को "वृहद डेटा खगोल विज्ञान (बिग डेटा एस्ट्रोनॉमी)" कहा जाता है, जहां ध्यान इन आंकड़ों को संग्रहीत करने, वितरित करने और विश्लेषण करने के लिए नए प्रकार के तरीकों को खोजने पर है| इस जरुरत ने मनुष्यों की स्वरूप पहचानने की तीव्र क्षमता का लाभ उठाने के लिए विभिन्न नागरिक विज्ञान परियोजनाओं के विकास को प्रेरित किया है| दूसरी ओर, आधुनिक दूरबीन और उपकरण महंगे हैं, और उनके निर्माण के लिए विभिन्न प्रकार के तकनीकी कौशल की आवश्यकता होती है| "वृहद विज्ञान" के इस युग में, वे आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय संगठनों या कंसोर्टिया द्वारा निर्मित होते हैं, जिसमें विभिन्न देशों के कई खगोलीय संस्थान शामिल होते हैं|
सिमुलेशन और अवलोकन दोनों से प्राप्त बड़ी मात्रा में डेटा के प्रसंस्करण के लिए ऐसे कंप्यूटर की आवश्यकता होती है जो कम समय में जटिल सिमुलेशन करने में सक्षम हों। वर्तमान सुपरकंप्यूटर प्रति सेकंड कुछ सौ क्वाड्रिलियन गणनाएँ कर सकते हैं। ये सुपर कंप्यूटर खगोलविदों को अनुरूपित ब्रह्मांड बनाने और बड़े पैमाने के सर्वेक्षणों के अवलोकनों के साथ उनकी तुलना करने लायक बनाते हैं ।
अधिकांश पेशेवर वेधशालाओं से उपलब्ध डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है| अपने करियर के दौरान, खगोलविद आमतौर पर विभिन्न देशों में काम करेंगे| दूरबीनों और उपकरणों के निर्माण से लेकर समन्वित अवलोकन अभियानों तक बड़ी खगोलीय परियोजनाएं, अक्सर विभिन्न देशों के शोधकर्ताओं और संस्थानों के बीच सहयोग में किए जाते हैं| खगोल विज्ञान वैश्विक और अंतर्राष्ट्रीय है| हम सभी एक आकाश के नीचे "अंतरिक्ष यान पृथ्वी" के चालक दल के सदस्य हैं, जो ब्रह्मांड की खोज में लगे हैं|
ब्रह्मांड में हमारी जगह के बारे में अधिक पता लगाने और जानने के लिए, हम पूरे सौर मंडल में रोबोटिक जांच भेज रहे हैं| इन जांचों में से कुछ ग्रहों , चंद्रमा, या यहां तक कि क्षुद्रग्रहों की, परिक्रमा करते हैं, जबकि अन्य ऐसे पिण्डों पर उतरे हैं| सौर मंडल के कुछ स्थानों में जहां रोबोटिक जांच द्वारा यात्रा(लैंडिंग, कक्षा या फ्लाई-बाय) की गयी है वे हैं सभी ग्रह, बौने ग्रह प्लूटो और सेरेस, हमारे चंद्रमा और बृहस्पति और शनि के अन्य चंद्रमा, धूमकेतु और क्षुद्रग्रह ।